FIVE HEALTH NEWS : मलेरिया बुखार को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

 

अरबिंद श्रीवास्तव, ब्यूरो चीफ

नीम-हकीम की चक्कर में न पड़ें: मुख्यचिकित्सा अधिकारी

  • घरों व आसपास न होने दें जल भराव, बरतें सावधानी
  • 22 लोगों की बनाई गई स्लाइड
  • विश्व मलेरिया दिवस पर सीएमओ ने की अपील

बांदा। मलेरिया होने पर नीम-हकीमों की चक्कर में न पड़े। सप्ताह में एक बार कूलर आदि को साफ कर, जमा पानी में काला तेल व सरसों तेल के बूंद का छिड़काव करें, पूरे बाजू तक के कपड़े पहनें। खुले में सोने पर क्रीम लगाकर मलेरिया से बचा जा सकता है। यह बातें विश्व मलेरिया दिवस पर सीएमओ सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुधाकर पांडेय ने कहीं। सीएमओ ने जनपद के लोगों से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया से लड़ाई में आप सभी विभाग का सहयोग करें। 

मलेरिया मरीजों को सभी सरकारी अस्पतालों से जांच व मुफ्त दवाइयां उपलब्ध है। इसे सहजता पूर्वक प्राप्त कर सकते हैं। जिला मलेरिया अधिकारी आरपी निरजंन ने कहा कि स्वच्छ व स्वस्थ समाज से ही देश की उन्नति व प्रगति संभव है। उन्होंने कालोनीवासियों से कहा कि सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाएं। ऐसे मौसम में मलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए फ्रिज की पानी की ट्रे, कूलर, टंकी, गमले, मटके, घरों के छत पर पड़े टायर आदि की सफाई एक बार अवश्य करें। मच्छरों को पनपने न दें। 

विभाग के सहयोग से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। डीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य टीमें गांवों में लोगों को जागरूक करने में जुटी हैं। सोमवार को 22 रक्त पट्टियां बनाई गईं। गांवों में अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव इत्यादि किया जा रहा है। बताया कि बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो 14 दिनों तक गोली खाएं। इस मौके पर एसीएमओ डा. वीके चौहान व डा. जीआर रत्मेले, डा. डीपी सिंह, मनोज कुमार लाल, राम ज्ञान, अमित मिश्रा, डा. आशीष पटेरिया, डा. सुशील खरे, वली मोहम्मद, फिरोज अहमद, जयंत कुमार इत्यादि  मौजूद रहे।

आउटरीच हेल्थ कैंप में 73 मरीजों को मिला इलाज 

  • 7 चिकित्सक ने मौसमी बीमारियों से बचने के लिए दिए टिप्स
  • मलिन बस्ती में लगा आउटरीच हेल्थ कैंप

बांदा। शहर वासियों को उनके घर के पास ही निशुल्क और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मुहिम जारी है। सोमवार को नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य छाबी तालाब द्वारा क्योटरा पहाड़ कटरा में विशेष आउटरीच हेल्थ कैंप आयोजित हुआ। इसमें 73 रोगियों की जांच के बाद उन्हें दवा दी गई। शिविर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया। शिविर की शुरुआत करते हुए नगर पालिका वार्ड सदस्य नीरज त्रिपाठी ने कहा कि स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज की परिकल्पना की जा सकती है। ऐसे शिविरों से शहरी क्षेत्र में वंचित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना बेहतर प्रयास है। चिकित्सक डा. श्रुति सक्सेना ने कहा कि मौसम में परिवर्तन के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जरूरत न हो तो घर के बाहर न निकलें। लू व धूप से पूरी तरह से बचने की कोशिश करें। उन्होंने मरीजों की जांच कर दवाईं दीं। साथ ही कोविड सहित अन्य बीमारियों से बचाव के लिए अपने सुझाव दिए। 

अर्बन हेल्थ कोऑर्डिनेटर प्रेमचंद्र पाल ने कहा कि शहरी मलिन बस्तियों में निवास करने वाली जनसंख्या को निःशुल्क गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवायें उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मलिन बस्तियों में या उनके नजदीक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा विशेष आउटरीच कैम्प आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में 73 लोगों का इलाज हुआ। 18 की शुगर जांच, 11 का हीमोग्लोबिन, 27 की बीपी की जांच की गई। 70 को आयरन की टेबलेट, 15 को ओआरएस के पैकेट बांट गए। 18 दांत मरीजों की भी जांच व उपचार हुआ। 10 मरीजों की समस्या गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस मौके पर फार्मेसिस्ट अभय प्रताप सिंह, लैब टेक्नीशियन रितेश कुमार, एएनएम कालिंदी मिश्रा, आशा कार्यकर्ता रेनू व पुष्पा, भगवानबाबू शामिल रहीं। 

केस- 1 

स्वास्थ्य कैंप में आई 30 वर्षीय गुडिया देवी ने बताया कि उसे कई दिनों से आंखों में दिक्कत थी। तेज गर्मी व धूप की वजह से अस्पताल जाने की हिम्मत नहीं पड़ रही थी। सूचना मिली की मोहल्ले में शिविर लगा है तो चले आए। यहां जांच हुई और दवा भी दी गई है। 

केस- 2 

इसी मोहल्ल की 35 वर्षीय माला ने कहा कि उन्हें पेट में दर्द था। त्वचा रोग से भी परेशानी थी। घर में कुछ समस्याओं के चलते अस्पताल भी नहीं जा पा रही थी। कैंप की जानकारी मिली तो चली आई। यहां डाक्टर ने जांच के बाद जल्द ठीक होने का आश्वासन दिया है। दवा भी दी है। ऐसे शिविर लगते रहने चाहिए।

स्वच्छ व स्वस्थ समाज से ही देश की उन्नति संभवः पूजा

  • 50 लोगों के ब्लड की स्लाइड बनाकर जांच को भेजी
  • 77 घरों में पानी से भरे पात्रों का कराया खाली
  • विश्व मलेरिया दिवस पर कांशीराम कालोनी में किया जागरूक

बांदा। विश्व मलेरिया दिवस पर समाज के लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य को लेकर जागरूकता रैली निकाली गई। सोमवार को शहर के हरदौली घाट स्थित कांशीराम कालोनी में स्वास्थ्य टीम ने घर-घर सर्वे कर जल भराव न रखने की हिदायद देते हुए एंटी लार्वा का छिड़काव किया। 50 स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजा गया। 77 घरों पात्रों की जांच की गई। जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने मलेरिया से बचाव, सावधानियां व उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ व स्वस्थ समाज से ही देश की उन्नति व प्रगति संभव है।

उन्होंने कालोनीवासियों से कहा कि सप्ताह में एक दिन ड्राई डे के रूप में मनाएं। ऐसे मौसम में मलेरिया जैसी बीमारी से बचाव के लिए फ्रिज की पानी की ट्रे, कूलर, टंकी, गमले, मटके, घरों के छत पर पड़े टायर आदि की सफाई एक बार अवश्य करें। मच्छरों को पनपने न दें। विभाग के सहयोग से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें। डीएमओ ने बताया कि मच्छर के काटने के बाद अचानक तीव्र बुखार के साथ शरीर टूटने लगता है। सिर के अगले भाग में व आंखों के पिछले भाग सहित मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होने लगता है। 

उन्होंने कहा कि बुखार होने पर तुरंत इसकी जांच कराएं, अगर जांच में मलेरिया पाया जाता है तो 14 दिनों तक गोली खाएं। इस मौके पर भावना वर्मा, राकेश खरे, आनंद मिश्रा, राज कुमार, परीक्षित, महेश गुप्ता, श्रीराम, दिव्याशुं सिंह, प्रमोद अवस्थी, रामदेव, विकास, दीपक, रामेंद्र कुमार, रमेशचंद्र, प्रभात, संतोष, बब्बू, अवधेश, बृज बिहारी, प्रदीप कुमार सहित स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे।  

नीम-हकीम की चक्कर में न पड़ें 

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके श्रीवास्तव का कहना है कि मलेरिया होने पर नीम-हकीमों की चक्कर में न पड़े। सप्ताह में एक बार कूलर आदि को साफ कर, जमा पानी में काला तेल व सरसों तेल के बूंद का छिड़काव करें, पूरे बाजू तक के कपड़े पहनें। खुले में सोने पर क्रीम लगाकर मलेरिया से बचा जा सकता है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि मलेरिया से लड़ाई में आप सभी विभाग का सहयोग करें। मलेरिया मरीजों को सभी सरकारी अस्पतालों से जांच व मुफ्त दवाइयां उपलब्ध है। इसे सहजता पूर्वक प्राप्त कर सकते हैं। 

मलेरिया बुखार को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी : डा. देव तिवारी

अतर्रा/बांदा। हर वर्ष 25 अप्रैल को संपूर्ण विश्व में मनाया जाने वाला मलेरिया दिवस के अवसर पर चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर देव कुमार तिवारी ने बताया कि मलेरिया बुखार मच्छरों से होने वाले एक तरह का संक्रमण रोग है जो प्लाज्मोडियम विवेक्स नामक वायरस के कारण होता है यह वायरस मानव शरीर में मादा मच्छर एनोफिलीस के काटने से प्रवेश करके उसे कई गुना बढ़ा देता है जिसके बाद यह जीवाणु लीवर और रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करके व्यक्ति को बीमार बना देती है यह संक्रमण आमतौर पर 10 दिन से 4 सप्ताह में विकसित हो मलेरिया का रूप धारण कर लेते हैं डॉक्टर तिवारी के अनुसार गंदगी वाली जगहों और नाम इलाकों में व ग्रामीण और अविकसित क्षेत्र जहां लोगों की संख्या अधिक होती है।

वहां यह संक्रमण ज्यादा तेज फैलने का खतरा बनाए रहता है वही लैब टेक्नीशियन प्रदीप अग्रवाल के अनुसार डेंगू बुखार अचानक तीव्र जोर के साथ शुरू होता है जिसके साथ साथ तेज सिर दर्द मांसपेशियों तथा जोड़ों में भयानक दर्द होता है जिसके चलते हैं उसे हड्डी तोड़ बुखार कहते हैं इसके अलावा शरीर पर लाल चटके भी बन जाते हैं जो सबसे पहले पैरों पर फिर छाती पर तथा कभी-कभी सारे शरीर पर फैल जाते हैं और पेट दर्द खराब हो जाना दर्द होना शरीर में कमजोरी दस्त लगना ब्लैटर की समस्या निरंतर चक्कर आना भूख ना लगना भी लक्षण शामिल है।

सीएचओ दीक्षा गुप्ता ने बताया कि मलेरिया रोग मादा एनोफिलेज मच्छर के काटने से होता है जिसके कारण मरीज के अंदर रक्त हीनता एनीमिया के लक्षण उभरते हैं जैसे चक्कर आना सांस फूलना दुरुतनाडी इसमें कपकपी के साथ बुखार आता है मरीज के शरीर में काफी दर्द होता है साथ ही मरीजों को 4 से 6 घंटे तक बुखार रहता है और जब बुखार उतरता है तो काफी पसीना आने लगता है। 

विश्व मलेरिया दिवस पर जरनल हेल्थ चेकप कैम्प का आयोजन

बांदा। सोमवार को विश्व मलेरिया दिवस पर रामलीला मैदान गणेश भवन में अपोलो टेलीक्लीनिक और डीपीएमआई, बांदा के सहयोग से विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता कार्य किया गया साथ ही जरनल हेल्थ चेकप कैम्प के साथ डा. सरस्वती मिश्रा द्वारा चिकित्सा परामर्श दिया गया और डा. टीएन मिश्र द्वारा दांत पीडितों को सलाह व दवा दी गई और साथ ही 10वीं/12वीं व स्नातक छात्र-छात्राओं को प्राथमिक चिकित्सा उपकरण (फर्स्ट एड) पर कार्यशाला के माध्म से प्रशिक्षण दिया गया सभी प्रशिक्षणार्थियों को डीपीएमआई एवं एपीएसआई द्वारा फर्स्ट एड कार्यशाला पर एक दिवसीय सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नूतन बाल समाज के मंत्री दत्तूपंत गुरजर का हेल्थ चेकप और अपने दांतों को चेकप कराया साथ ही आयुर्वेद आधारित चिकित्सा परामर्श प्राप्त किया।

इंस्टीट्यूट डायरेक्टर ने बताया कि बहुत कम लोग ही जानते हैं कि मलेरिया बुखा एक प्रकार का नहीं बल्कि पांच तरह का होता है मलेरिया एक तरह का बुखार है जिसमें 102 से 104 डिग्री तक फीवर ठंड लग के बुखार आती है फिर पसीना निकल के बुखार उतर जाता है पर बुखार आता जाता है ये दिमागी स्तर पर चढता जो विकलागता तक ले जा सकता है ऐसा बुखार आनेपर नजदीकी सरकारी अस्पताल पर जायें निःशुल्क जांच होती है और इलाज उपलब्ध है मलेरिया बुखार वाले मच्छर से बचने के लिऐ जहां मच्छर बैठते है वहां जल भराव न होने दें साफ स्वच्छ स्थान रखें यहीं जागरूकता मलेरिया बुखार से बचाने में सहायक है।

 

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